रुन-झुन बाजे पैजनियाँ, मस्त मुरलिया वाले,
दरस दिखा जा, आजा, दरस दिखा जा।
कैद पड़े वासुदेव-देवकी रोते हैं,
पहरे वाले ताला लगाकर सोते हैं सोते हैं
प्रकटे कृष्ण मुरारी जी, मोर मुकुट वाले
दरस दिखा जा आजा ...
कृष्ण को ले वासुदेव गोकुल को जाते हैं, जाते हैं।
यमुनाजी को देख बहुत घबराते हैं घबराते हैं।
जाना कृष्ण मुरारी जी चरण छुआने वाले
दरस दिखा जा आजा ...
दरस दिखा जा, आजा, दरस दिखा जा।
कैद पड़े वासुदेव-देवकी रोते हैं,
पहरे वाले ताला लगाकर सोते हैं सोते हैं
प्रकटे कृष्ण मुरारी जी, मोर मुकुट वाले
दरस दिखा जा आजा ...
कृष्ण को ले वासुदेव गोकुल को जाते हैं, जाते हैं।
यमुनाजी को देख बहुत घबराते हैं घबराते हैं।
जाना कृष्ण मुरारी जी चरण छुआने वाले
दरस दिखा जा आजा ...
कृष्ण को दे यशोदा से कन्या लाते हैं लाते हैं।
कन्या पा वासुदेव बहुत सुख पाते हैं पाते हैं।
जागे सब पहरे वाले, कंस बुलाने वाले
दरस दिखा जा आजा ...
कंस अधम ने बहन से कन्या छीन लिया छीन लिया।
ज्योंही पटकना चाहा हाथ से छूट गया छूट गया।
नभ से आई वाणी जी, तेरे मारने वाले
कृष्ण मुरारी जी कृष्ण मुरारि.
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